Bhadawari Buffalo or Bhains। भदावरी भैंस के लक्षण – पहचान और उपयोगिता

Bhadawari Buffalo: मित्रों भारतीय कृषि में दुग्ध उत्पादन का बड़ा ही महत्व है यह तो हम सब जानते ही हैं और दुग्ध मुख्य रूप से गायों और भैंसों से ही प्राप्त किया जाता है और भैंसों में भी ऐसी कुछ ही प्रजातियां हैं जो सबसे ज्यादा दुग्ध देती हैं इनमें से एक है भदावरी भैंस (Bhadawari Buffalo).

आज के इस पोस्ट में हम भदावरी भैंस के बारे में हर एक जानकारी जैसे लक्षण, उपयोगिता और पहचान के बारे में जानकारी हासिल करेंगे और अंत में यह भी जानेंगे कि भदावरी भैंस दूध कितना देती हैं और ये भी जानेंगे कि आप भदावरी भैंस के सबसे शुद्ध रूप को कहां से पा सकते हैं इसलिए इसको अंत तक पढ़ना बहुत जरुरी है.

Bhadawari Buffalo के लक्षण और पहचान

इस नस्ल की भैंसों में अपेक्षाकृत छोटा सिर होता है जो कि सींगो के बीच उभरा होता है और इनके शरीर का रंग तांबे जैसा होता है इनके शरीर पर कुछ बाल होते हैं जो कि जड़ों में काले होते हैं. इनके पैर छोटे छोटे बलिष्ट होते हैं और इनके खुरों का रंग काला होता है और पूंछ लंबी व गुच्छे युक्त होती है. और चपटे, ठोस व मध्यम मोटाई के सींग होते हैं जो कि पहले पीछे की ओर मुड़कर ऊपर की ओर मुड़ जाते हैं.

भैंसों की आंखें बड़ी, सजीव और चमकीली होती हैं और मध्यम आकार के लटकते हुए कान और गर्दन पतली होती है और साथ ही मध्यम आकार का विकसित अयन होता है, अयन का पिछला सिरा अगले भाग की अपेक्षा बड़ा व भारी होता है और अंत में अगर बात करें पूरे शरीर की तो भदावरी भैंसों का शरीर मध्यम आकार तिकोनाकार होता है.

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Bhadawari Buffalo की उपयोगिता

भदावरी भैंसों की प्रथम ब्यांत की आयु लगभग 50 से 52 महीने होती है. भदावरी भैंसें हर एक ब्यांत में औसत रूप में 1200 से 1400 किलोग्राम तक दूध दे देती हैं लेकिन इनके दूध में घी अधिक निकलता है और भैंसों में भदावरी भैंस में सबसे ज्यादा फैट पाया जाता है जो कि 13 प्रतिशत तक होता है इसलिए इस नस्ल की भैंसों के दूध का अधिकतर उपयोग घी बनाने में प्रयोग होता है.

भदावरी नस्ल की भैंसें भी अन्य नस्ल की भैंसों की अपेक्षा अधिक गर्मी सहन कर लेती हैं इसलिए कृषि कार्य में इनका प्रयोग होता है.

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Bhadawari Buffalo का प्राप्य स्थान

इस नस्ल का मूल स्थान उत्तर प्रदेश का आगरा जिला है लेकिन इस नस्ल के पशु भूतपूर्व ग्वालियर तथा इटावा जिले में भी मिलते हैं.

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भदावरी नस्ल के पशु नीचे दिए गए पशु फार्मों में रखे जाते हैं.

  • पशु प्रजनन फार्म, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
  • पशु प्रजनन फार्म, ललितपुर, उत्तर प्रदेश
  • कृषि महाविद्यालय डेयरी फार्म, कानपुर, उत्तर प्रदेश

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