किसानों को बीज पर 75 प्रतिशत सब्सिडी। अन्नपूर्णा योजना।annapurna yojana।

किसान भाईयों देश भर में लगातार कई योजनाएं चलती रहती है। यह योजनाएं कभी केन्द्र सरकार लाती है तो कभी राज्य सरकारें और krishakjan का यही प्रयास रहता है कि सभी किसान भाईयों को कृषि से सम्बंधित जानकारी सबसे पहले मिले। जिनका लाभ किसानों को मिल रहा है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से राज्य के किसान भाईयों के लिए अन्नपूर्णा योजना शुरू की गई है। यह योजना विशेषकर गरीब किसान भाईयों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस योजना के तहत किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर फसलों के बीज उपलब्ध कराए जायेंगे। इस योजना का लाभ राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लघु एवं सीमांत किसानों को दिया जायेगा। बता दें कि राज्य के कई किसान ऐसे हैं जो विपुल उत्पादन देने वाली खाद्यान्न फसलों के उन्नत किस्म के बीज खरीद ही नहीं पाते हैं उनके सामने पैसों की समस्या आती है। ऐसे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है ताकि गरीब तबके के किसान भाई भी इस योजना से लाभान्वित हो सके।

अन्नपूर्णा योजना क्या है:-

अन्नपूर्णा योजना शत प्रतिशत राज्य योजना है। प्रदेश के अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लघु एवं सीमांत किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध सुनिश्चित किए जाने के लिए 100 प्रतिशत राज्य पोषित योजना अन्नपूर्णा योजना वर्ष 2000-01 से लागू की गई।

अन्नपूर्णा योजना का उद्देश्य:-

इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति व जनजाति के गरीब किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर उत्पादकता और उत्पादन को बढ़ाना है।

अन्नपूर्णा योजना के तहत किसानों के लिए मुख्य प्रावधान:-

किसान भाईयों बीज अदला बदली कार्यक्रम मेें किसानों के द्वारा दिए गए अलाभकारी फसलों के बीज के बदले 1 हेक्टेयर की सीमा तक खाद्यान्न फसलों के उन्नत एवं संकर बीज प्रदान किए जाते हैं। प्रदाय बीज पर 75 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम रु. 1500 /- की पात्रता होती है। किसान के पास बीज उपलब्ध नहीं होने पर प्रदाय बीज की 25 प्रतिशत नगद राशि कृषक को देनी होती है।
बीज स्वालम्बन योजना में किसानों की धारित कृषि भूमि के 1/10 क्षेत्र के लिए आधार / प्रमाणित बीज , 75 प्रतिशत अनुदान पर प्रदान किए जाते हैं।
बीज उत्पादन कार्यक्रम में शासकीय कृषि प्रक्षेत्र के 10 किलोमीटर की परिधि में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लघु एवं सीमांत कृषकों के खेतों पर कम से कम आधा एकड़ क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम लिया जाता है। किसान को आधार प्रमाणित-1 श्रेणी का बीज 75 प्रतिशत अनुदान पर 1 हेक्टेयर तक के लिए प्रदान किया जाता है। पंजीयन हेतु प्रमाणिक संस्था को देय राशि का भुगतान योजना मद से मिल जाता है। उत्पादित प्रमाणित बीज का आगामी साल में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के किसानों को निर्धारित कीमत पर वितरण किया जा सकेगा।

केेंद्र क्षेत्रीय योजना के तहत बीज ग्राम योजना का संचालन:-

सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मैटेरियल के अंतर्गत बीज ग्राम कार्यक्रम में केंद्र सरकार का अंश 60 प्रतिशत और 40 प्रतिशत राज्य सरकार की सहायतित योजना है। इस कार्यक्रम में तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सामान्य श्रेणी के किसानों को एक एकड़ बीजोत्पादन कार्यक्रम लेने हेतु अनाज फसलों के बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान है। इस योजना में आधार और प्रमाणित बीज का उपयोग किया जाता है। किसान द्वारा उत्पादित बीज का उपयोग स्वयं किया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत फसलों के बीज उत्पादन की तकनीकी का प्रशिक्षण किसानों को दिया जाता है। बीजों का भंडारण उचित तरीके से करने हेतु भंडारण कोटी तथा बीजोपचार को बढ़ावा देने के लिए बीज उपचार ड्रम अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

सूरजधारा योजना का लाभ राज्य के किसानों को मिल रहा:-

किसान भाईयों मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को दलहन और तिलहन के उच्च गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए सूरजधारा योजना शुरू की है। यह योजना 100 प्रतिशत राज्य योजना है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं अनसूचित जनजाति के लघु एवं सीमांत किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त बीज प्रदान किए जाते हैं। राज्य में सूरजधारा योजना को वर्ष 2000-01 में लागू किया गया था। इस योजना में किसानों के लिए जो प्रावधान किए गए हैं वे इस प्रकार से हैं-

  • बीज अदला-बदली- कार्यक्रम में 75 प्रतिशत अनुदान पर अधिकतम 1500 रुपए की सीमा तक बीज उपलब्ध कराये जाते हैं।
  • बीज स्वालम्बन योजना में किसानों की धारित कृषि भूमि के 1/10 क्षेत्र के लिए आधार / प्रमाणित बीज , 75 प्रतिशत सब्सिडी पर प्रदान किए जाते हैं।
  • बीज उत्पादन कार्यक्रम में शासकीय कृषि प्रक्षेत्र के 10 किलोमीटर की परिधि में 75 प्रतिशत सब्सिडी पर अधिकतम एक हेक्टेयर तक के लिए आधार/प्रमाणिक बीज उपलब्ध कराया जाता है।

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